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Bihar News: बाढ़ प्रभावित परिवारों के लिए 7 हजार रुपये की मदद, सम्राट चौधरी ने राहत शिविर में परोसा खाना

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Alam Ki Khabar | Bihar News | Patna News | Samastipur News | बिहार में बाढ़ प्रभावित परिवारों को 7 हजार रुपये की अनुग्रह सहायता देने की तैयारी, सम्राट चौधरी ने पश्चिम चंपारण में राहत शिविर का जायजा लिया।

पटना, 1 अक्टूबर, आलम की खबर: बिहार में बाढ़ से प्रभावित परिवारों तक राहत पहुंचाने की कवायद तेज कर दी गई है। मुख्यमंत्री सम्राट चौधरी ने बुधवार को पश्चिम चंपारण के बाढ़ प्रभावित इलाकों का हवाई सर्वे करने के बाद राहत शिविर का जायजा लिया। इस दौरान उन्होंने प्रभावित लोगों से बातचीत की और अधिकारियों को राहत कार्यों में तेजी लाने के निर्देश दिए। मुख्यमंत्री ने बाढ़ प्रभावित परिवारों को 7 हजार रुपये प्रति परिवार अनुग्रह सहायता उपलब्ध कराने की प्रक्रिया दशहरा से पहले पूरी करने को कहा है। बिहार मुख्यमंत्री सचिवालय के अनुसार यह राशि सीधे लाभुकों के बैंक खाते में DBT के माध्यम से भेजी जानी है।

बाढ़ प्रभावित इलाकों का हवाई सर्वे, शिविर में व्यवस्थाओं की जांच

मुख्यमंत्री ने पश्चिम चंपारण के बगहा और बैरिया प्रखंड के बथना समेत कई प्रभावित इलाकों का हवाई सर्वे किया। इसके अलावा योगापट्टी के मच्छरगांवा और नौतन प्रखंड के शिवराजपुर, बनकटवा तथा आसपास के क्षेत्रों में बाढ़ की स्थिति का जायजा लिया गया।

हवाई सर्वे के दौरान नदी के बढ़े जलस्तर, जलजमाव और प्रभावित आबादी की स्थिति को देखा गया। इसके बाद मुख्यमंत्री बैरिया प्रखंड के बथना स्थित बाढ़ राहत शिविर पहुंचे और वहां उपलब्ध सुविधाओं का निरीक्षण किया।

राहत शिविर में खुद परोसा खाना

राहत शिविर के निरीक्षण के दौरान मुख्यमंत्री ने सामुदायिक रसोई की व्यवस्था भी देखी। उन्होंने वहां मौजूद बाढ़ प्रभावित लोगों से बातचीत की और उनकी समस्याओं के बारे में जानकारी ली। मुख्यमंत्री ने स्वयं लोगों को भोजन परोसा।

शिविर में पीने के पानी, शौचालय, चिकित्सा सुविधा, रहने की व्यवस्था और पशुओं के लिए आश्रय एवं चारे से जुड़ी तैयारियों की भी जानकारी ली गई। अधिकारियों को निर्देश दिया गया कि बाढ़ प्रभावित आबादी की जरूरत के हिसाब से राहत शिविरों और सामुदायिक रसोई का संचालन जारी रखा जाए।

7 हजार रुपये की सहायता राशि देने की तैयारी

बाढ़ से प्रभावित परिवारों को आर्थिक मदद देने की प्रक्रिया को भी आगे बढ़ाया गया है। मुख्यमंत्री सचिवालय के मुताबिक प्रभावित परिवारों की पहचान कर 7,000 रुपये प्रति परिवार की अनुग्रह सहायता राशि उपलब्ध कराने की कार्रवाई की जा रही है।

मुख्यमंत्री ने निर्देश दिया है कि यह सहायता दशहरा से पहले उपलब्ध कराने की दिशा में जरूरी प्रक्रिया पूरी की जाए। इससे पहले 15 सितंबर 2026 को राज्य के 8,27,472 बाढ़ प्रभावित परिवारों के बैंक खातों में 7 हजार रुपये प्रति परिवार की दर से कुल 579.23 करोड़ रुपये DBT के माध्यम से भेजे जाने की प्रक्रिया शुरू की गई थी।

सामुदायिक रसोई और सूखा राशन जारी रखने के निर्देश

बाढ़ प्रभावित इलाकों में पानी पूरी तरह निकलने और हालात सामान्य होने तक राहत व्यवस्था जारी रखने पर जोर दिया गया है। मुख्यमंत्री ने अधिकारियों से कहा कि प्रभावित आबादी को पर्याप्त भोजन उपलब्ध कराने के लिए सामुदायिक रसोई नियमित रूप से चलती रहनी चाहिए।

इसके साथ ही जरूरतमंद परिवारों तक सूखा राशन और अन्य आवश्यक राहत सामग्री पहुंचाने के निर्देश दिए गए हैं। बाढ़ प्रभावित क्षेत्रों में पशुओं के लिए भी चारा और सुरक्षित आश्रय की व्यवस्था करने को कहा गया है।

तटबंध और नदी के जलस्तर पर लगातार निगरानी

मुख्यमंत्री ने अधिकारियों को नदियों के जलस्तर, तटबंध और कटाव की स्थिति पर लगातार नजर रखने को कहा है। पानी की निकासी के लिए आवश्यकता के अनुसार स्लुइस गेट खोलने और पर्याप्त संख्या में नावों की व्यवस्था रखने के निर्देश भी दिए गए हैं।

इसी दौरान सारण जिले के मकेर प्रखंड के हैजलपुर पंचायत क्षेत्र में टूटे तटबंध का भी हवाई सर्वे किया गया। इससे स्पष्ट है कि सरकार का फोकस राहत वितरण के साथ-साथ जलनिकासी और तटबंधों की निगरानी पर भी है।

नेपाल से आने वाले पानी का भी असर

मुख्यमंत्री ने बिहार में बाढ़ की मौजूदा स्थिति के संदर्भ में नेपाल की तराई से आने वाले पानी का उल्लेख किया। उन्होंने कोसी और महानंदा नदी से जुड़ी स्थिति का सर्वे कराने की बात कही है।

सरकार का कहना है कि नदियों और बाढ़ प्रभावित क्षेत्रों का अध्ययन कर समस्या के स्थायी समाधान की दिशा में काम किया जा रहा है। मुख्यमंत्री ने अधिकारियों को निर्देश दिया है कि प्रभावित परिवारों को तब तक जरूरी सहायता मिलती रहे, जब तक वे सुरक्षित तरीके से अपने घरों में वापस नहीं लौट जाते और सामान्य स्थिति बहाल नहीं हो जाती।

अगले कुछ दिनों में पानी घटने की उम्मीद

बाढ़ प्रभावित क्षेत्रों में प्रशासन की निगरानी के बीच मुख्यमंत्री ने आने वाले दिनों में कई इलाकों से पानी निकलने की संभावना जताई है। हालांकि, प्रभावित क्षेत्रों में स्थिति पूरी तरह सामान्य होने तक राहत एवं बचाव अभियान जारी रखने पर जोर दिया गया है।

फिलहाल सरकार की प्राथमिकता प्रभावित परिवारों तक भोजन, सूखा राशन, चिकित्सा सुविधा, नाव, पशु चारा और आर्थिक सहायता पहुंचाना है। आने वाले दिनों में नदी के जलस्तर और पानी की निकासी की स्थिति से राहत अभियान की दिशा तय होगी।

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बिहार के कई इलाकों में बाढ़ का असर बना हुआ है। नदियों के बढ़ते जलस्तर और निचले इलाकों में जलभराव के बीच प्रशासन की ओर से राहत एवं बचाव अभियान चलाया जा रहा है।

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